कहा जाता है कि सकारात्मकता एक इंसान के जीवन में अद्भुत रूप से कार्य कर सकती है | सकारात्मकता के बारे में महान अद्भुत क्या हो सकता है ? सबसे पहले इस वर्तमान युग में नकारात्मकता का बोलबाला है | ऐसे समय के बारे में सोचिए, जहाँ आप किसी कार्य को सकारात्मक रूप से करने के बारे में सोच सकते थे | इन दिनों में आप हर पल हर क्षण नकारात्मकता से लड़ रहे हैं | यदि आपका मोबाइल 5 मिनट के लिए न मिले, आप मान लेते हैं कि आपने इसे कहीं गिरा दिया है | यदि आपके बच्चे की बस 10 मिनट लेट हो जाए तो आप सिहर उठते हैं | नकारात्मक सोच आपको घेर लेती है | आपको नहीं लग रहा कि हर पल आप नकारात्मकता से लड़ रहे हैं ?

ऐसा क्या हो रहा है? क्यों नकारात्मक विचारों ने घेर रखा है? क्या ये प्राकृतिक रूप से हमारे साथ जुड़े हैं ? जी हाँ, 90 प्रतिशत लोगों के साथ यह हो रहा है | लेकिन ये गलत आदत समाज में घर कर रही है | ये नकारात्मकता लोगों को मार रही है | उन्हें नशों की तरफ ले जा रही है | लोगों को इतना उदासीन कर देती है जिसकी वजह से वे आत्महत्या कर रहे हैं और न जाने क्या-क्या गलत कर रहे हैं | सकारात्मक विचार आने का रहस्य केवल गुरुमंत्र के अभ्यास में है |

हर जगह नकारात्मकता का फैलना, उदासीनता का फैलना, बात-बात पर गुस्सा आना, आत्म-विश्वास में कमी आना आदि कारणों को संत राम रहीम ने अपने प्रवचनों के द्वारा सबको बताया है | वे अपने अविरत प्रयासों द्वारा युवा पीढ़ी को सकारात्मक सोच की तरफ ले जा रहे हैं | वे अपने अनूठे साधनों से समाज को सकारात्मकता का रास्ता दिखा रहे हैं |

1.      सबसे पहला कदम है गुरुमंत्र का अभ्यास, सुमिरन करने का तरीका |

2.      दिन की शुरुआत भगवान की याद से व भगवान का धन्यवाद करके की जाए |

3.      हर क्षण में क्रियाशील रहने के लिए आनंद लो, जो कार्य आप कर रहे हैं, वो करें जिसे करने में आपको आनंद आता है या जो आपको अच्छा लगता है | इसके लिए आपको भगवान से संपर्क बनाने के लिए अपने विचारों को इधर-उधर भटकने से रोकना होगा |

4.      बाबा राम रहीम द्वारा बताया एक तरीका ये भी है कि आप भगवान के उन शब्दों का जाप अपने कार्य करते हुए भी कर सकते हैं जो हर क्षण कार्य करता है |

5.   और अंतिम पर कम नहीं – रोज की दिनचर्या में खेलों को शामिल करना | ग्रामीण क्षेत्रों में खेलकूद की आदतों को विकसित करना, जिससे युवा सकारात्मक रहने की कला में दक्षता / निपुणता प्राप्त कर सकें | बाबा जी ने खेलों को विकसित करने के लिए विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना स्थापित की है ताकि देश को खिलाड़ियों के देश में बदला जा सके | इसके लिए डेरा सच्चा सौदा सिरसा अहम योगदान दे रहा है | विश्व स्तर की सभी सुविधाओं से सुस्सजित स्टेडियम जैसे रोलर स्केटिंग हॉकी, स्विमिंग पूल, लॉन टेनिस, हैंडबाल, थ्रो बाल आदि संबंधी स्टेडियम सिरसा जैसे ग्रामीण क्षेत्र में किसी सपने से कम नहीं हैं |

बाबा राम रहीम के प्रयासों से , हरियाणा-पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में इतना बड़ा प्रभाव पड़ा है कि सिरसा के घरों से बहुत सारे पदक विजेता बने | ये स्टेडियम युवाओं की बहुत सहायता कर रहे हैं ताकि विश्व स्तरीय खिलाड़ियों का चयन हो सके | दूसरा, युवा खुद को रचनात्मक शौक में व्यस्त रखे हुए हैं बजाए नशों आदि जैसी बुरी आदतों में अपनी ऊर्जा ख़राब करने में | बाबा राम रहीम ने सभी सुविधाओं से युक्त एम.एस.जी. खेल गाँव का निर्माण किया है ताकि ओलंपिक या विश्व स्तर पर होने वाली प्रतिस्पर्धा पर ध्यान केन्द्रित किया जा सके |

हालांकि सकारात्मक मानसिकता विकसित करना, रातों-रात नहीं हो सकता लेकिन लगातार प्रयासों, अभ्यास और साथ-साथ लगातार सुमिरन से नि:संदेह आप इसे पा सकते हैं | 


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