संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसान न केवल मानवता का पाठ पढ़ाते हैं बल्कि इस पर चलना भी सिखाते हैं। उन्होंने 133 मानवता भलाई के काम शुरू किए हैं जो कि उनके अनुयायी और शाह सतनाम जी ग्रीन ऐस वेलफेयर फ़ोर्स विंग के सदस्य दिलो-जान से मानते हैं। ये फ़ोर्स अपने आप में पहली ऐसी सामाजिक - आध्यात्मिक संस्था है जिसमे लगभग 80 हजार स्वयंसेवी शामिल हैं। ये सभी सदस्य देश विदेश में हर प्रकार के मानवता भलाई के कामों के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। गुरु जी ने ऐसे ऐसे मानवता भलाई के काम शुरू किए जिनके बारे में किसी नेता ने तो कभी सोचा तक नहीं होगा। उनमें से कुछ एक का वर्णन यहाँ किया गया है :


1). शुभ देवी- गुरुजी ने मजबूरी वश वैश्यावृत्ति में फसी लड़कियों को अपना कर अपनी बेटियाँ बनाते हैं और उनका नाम शुभ देवी रखा गया है। यही नहीं गुरुजी के आह्वान पर पढ़े लिखे युवक उन लड़कियों से शादी करने को तैयार हैं और अब तक लगभग 15 ऐसी शादियाँ हो चुकी हैं। औऱ उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया। 

2). कुल का क्राउन - पूज्य गुरुजी ने इस बात का खंडन किया कि केवल लड़का ही वंश चला सकता है, बल्कि उन्होंने यह कहा कि लड़कियाँ भी वंश चलाने में समान रूप से सक्षम हैं। इस पुरुषप्रधान समाज में गुरुजी ने इस बात को बढ़ावा दिया कि यदि कोई लड़की माँ बाप की इकलौती संतान है तो वो शादी करके लड़के को अपने घर ले कर आये और लड़का भी लड़की के माँ बाप को अपने माँ बाप की तरह समझ कर उनकी इज्जत सम्मान करें। गुरुजी ने इस प्रकार के विचार युवाओं में भरे हैं।

3). सुखदुआ समाज - गुरुजी ने किन्नर समाज को सुखदुआ नाम देकर उन्हें सम्मानजनक दर्ज दिया है और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया है। उन्हें शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करके उन्हें तीसरे लिंग के रूप में दर्ज दिलवाया।

4). महा स्वच्छता अभियान- गुरूजी ने कई स्वच्छता अभियान शुरू किए। अब तक 2 से 3 लाख तक सेवादार इस मुहिम में जुड़ चुके हैं। 

उन्हें इस तरह के मेगा स्तर पर अभियान चलाने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है।

उनके द्वारा किये गए मानवता भलाई के कामों में से ये काम कुछ एक हैं। सभी कामों का वर्णन करना सूरज को दीपक दिखाने के बराबर है।

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